मेरी चुदासी मम्मी मेरे टीचर से चुद गई


(Meri Chudasi Mummi Mere Teacher Se Chud Gayi)

नितिन डी 2019-04-10 Comments

प्रिय मित्रो, आपने मेरी पिछली कहानी
मम्मी को दीदी के ससुर ने चोदा
पढ़ी और पसंद की. अब मैं अपनी नयी कहानी लेकर आया हूँ.

मेरा नाम अमृत है. मैं स्कूल में पढ़ता हूँ व लखनऊ का रहने वाला हूँ. मेरे डैड राजेन्द्र 40 साल के हैं. वो अधिकतर बीमार रहते हैं, उनकी किडनी में प्रॉब्लम है. मेरी मम्मी बैंक में हैं. उनका नाम रुचिता है. वो 38 साल की हैं. मेरे पापा करीब एक साल से बीमार थे. मम्मी की जॉब से ही घर चल रहा था.

मेरी मम्मी एकदम मस्त फिगर वाली एक बहुत ही सेक्सी औरत हैं. उनके बड़े बड़े एकदम टाईट गोल चूचे, मोटी गांड, प्यासे होंठ हैं. सच में मेरी मम्मी बहुत मस्त माल लगती हैं.

एक दिन अचानक से मम्मी मुझसे से बोलीं- बेटा चलो, डॉक्टर के पास चलो, कुछ चेकअप करवाना है.
हम लोग एक लेडी डॉक्टर के पास गए.

डॉक्टर मम्मी को लेकर अन्दर चली गईं. फिर कुछ देर बाद वो बाहर निकलीं. मम्मी भी उनके साथ थीं.
मैंने पूछा- सब ठीक है?
मम्मी बोलीं- हां ठीक है.
मुझे राहत मिली.

मम्मी बोलीं- तुम यहीं रुको … मैं दवाई ले कर आती हूँ.
मुझे कुछ अजीब सा लगा.
मम्मी के जाते ही मैंने लेडी डॉक्टर से पूछा- मम्मी को क्या हुआ है.
वो बोलीं- कुछ नहीं बेटा … उनके शरीर का टेम्परेचर बढ़ गया है.
मैंने पूछा- किस वजह से टेम्परेचर बढ़ता है?
वो मुस्कुरा कर बोलीं- जब किसी लेडी को सेक्स नहीं मिलता, तब ऐसा होता है.
मैं बोला- मेरे पापा तो हैं.
डॉक्टर बोली- हैं तो, पर शायद वो सेक्स नहीं कर पाते हैं.

फिर मैं मम्मी के साथ वापिस आ गया उन्होंने मुझे कुछ नहीं बताया. अगले दिन मैंने सोचा क्यों ना मम्मी को किसी और से सेक्स करने दिया जाए.

मेरी नजर अपने एक टीचर पर गयी. वो एक हट्टे कट्टे मर्द थे. उनकी वाइफ की डेथ भी चुकी थी. उन टीचर का नाम मनोज था. मनोज सर 39 साल के थे व मेरे घर से थोड़ी दूर ही रहते थे.

मैं मम्मी से कह कर उनसे टयूशन पढ़ने लगा. वो रोज रात को 7 बजे मेरे घर आ जाते थे. उस वक्त तक मम्मी भी घर आ जाती थीं. मनोज सर रोज मेरी मम्मी को लालसा भरी निगाहों से देखते रहते थे. ये बात समझ कर मैंने एक दिमाग लगाया और अपने घर के उस कमरे में दरवाजे की तरफ बैठ कर पढ़ने लगा. सर को मैं अन्दर की तरफ जहां बेड पड़ा था, वहां बैठा देता था. सर ने भी मुझसे कुछ नहीं कहा. इससे उन्हें मेरी मम्मी को ताड़ने में और अधिक आसानी होती थी.

अब मेरी मम्मी और मनोज सर के बीच काफी बातें भी होने लगी थीं. मैं देख रहा था कि सर भी बीस मिनट देर से आने लगे थे ताकि वो मम्मी के घर आ जाने के बाद घर आ सकें और मम्मी से बातें कर सकें.

एक दिन मम्मी ने सर से कहा- आज आप मेरे घर ही खाना खा कर जाना.
सर ना ना करते हुए हामी भरते हुए रुक गए.

मम्मी सर को खाना परोसने लगीं. इस वजह से मम्मी का पालू बार बार सरक जा रहा था या शायद मम्मी खुद ही ऐसा कर रही थीं. सर भी मम्मी के ब्लाउज से दिखते उनके गोरे मम्मों पर नजर गड़ाए हुए थे. मम्मी बार बार अपने पल्लू को ऐसे सही कर रही थीं कि वो जल्द ही फिर गिर जाए.
खाना के बाद सर चले गए.

कुछ दिन यूं ही चलता रहा. मैं कोशिश करता था कि जब मम्मी घर आ जाएं, तो मैं कुछ समय के लिए सर के सामने से हट जाऊं और वे सर से बात कर सकें.

अब तक उनकी सर काफी खुल कर बात होने लगी थी. उनके साथ हंसी मजाक भी होने लगा था. मैंने खुद देखा था कि मम्मी की कोशिश होती थी कि वे सर से खुद का स्पर्श करते हुए निकलें. वे अक्सर घर आके सर के लिए चाय नाश्ता देने आ जाती थीं. अब उनके और सर के बीच खुल कर हंसी मजाक भी चलने लगा था. मैं दरवाजे की आड़ में बैठता था जिससे उन दोनों को मस्ती करने में आसानी होने लगी थी.

अब मौसम का मिजाज बदलने लगा था. धीरे धीरे काफी सर्दी होने लगी.

एक दिन मैं दरवाजे की आड़ में कुर्सी पर बैठ कर पढ़ रहा था. मम्मी मेरे बगल में बैठ गईं. वे बोलीं- मैं भी देखूं क्या पढ़ता है तू?
मम्मी ने नाइटी के ऊपर स्वेटर पहना हुआ था. उनके स्वेटर के सारे बटन खुले हुए थे, उन्होंने बालों को भी खुला रखा था. कुछ देर वे मेरे पास रुकीं और फिर मस्ती में सर को देखने लगीं.
मैंने मम्मी का मूड बनते देखा तो मैंने कहा- मैं बाथरूम होकर आता हूं.
मैं उधर से हटा और चुपके से दरवाजे के पीछे खड़ा हो गया. मम्मी सर से बातें कर रही थीं.

मम्मी सर से चिपकते हुए बाते करते हुए बोलीं- आपकी वाइफ नहीं है, बड़ी तकलीफ से रात गुजरती होगी.
सर बोले- हां पर क्या करूँ?
मम्मी हाथ से उनको छूते हुए बोलीं- अभी तो आप जवान हैं. अच्छे खासे मर्द हैं, दूसरी शादी कर लीजिये.
सर मुस्कुराते हुए बोले- मैं अब जवान कहां से दिख रहा हूँ.

मम्मी ने हंस कर उनकी पैन्ट की तरफ देखा और बोलीं- अभी तो आप किसी भी औरत को प्रेग्नेंट कर सकते हो.
सर बोले- किसी को भी मतलब?
मम्मी बोलीं- मतलब जैसे अगर मेरे जैसी औरत आपको मिले, तो आप मुझे भी प्रेग्नेंट कर दोगे.
सर बोले- वो कैसे? मुझे आपकी बात समझ में नहीं आ रही है.

मम्मी शायद मस्ती में थीं. वे सर के लंड पर हाथ फेरते हुए बोलीं- मेरा मतलब है, अगर आप मेरे साथ शादी कर लो, तो आप मुझे अपने साथ लिटा कर प्रेग्नेंट कर दोगे.
सर ने लंड पर मम्मी के हाथ का टच महसूस किया तो वे भी मम्मी के दूध दबाते हुए बोले- अच्छा वो बात.. हां और किसी की बात नहीं जानता, लेकिन आपको तो पक्का प्रेग्नेंट कर दूँगा.
मम्मी हंसने लगीं- मुझे पक्का प्रेग्नेंट कर दोगे? तो कभी आपको आजमाऊं?

तभी मैं कमरे में आ गया. उन दोनों ने टॉपिक बदल दिया. मम्मी वहाँ से चली गईं.

अगले दिन सर आए, मैं पढ़ने बैठ गया. मम्मी थोड़ी देर बाद फिर आ गईं. उन्होंने आज भी ब्लाउज के ऊपर सिर्फ स्वेटर डाला हुआ था. हल्की ठंड पड़ रही थी. मम्मी उधर ही बैठ गईं. सर भी ठंड से कांप से रहे थे. मम्मी उधर पलंग पर बैठ कर रजाई में घुस कर बैठ गईं.

वे मुझसे बोलीं- रजाई में आजा. मैं उनको मना करते हुए अपने पैर पर कम्बल डाल कर वहीं बैठा रहा.
मम्मी सर से भी बोलीं- आप भी रजाई में आ जाइए.
सर मना करने लगे.

लेकिन फिर न जाने क्या हुआ, वे रजाई में घुस कर बैठ गए. शायद मम्मी ने उनको इशारा किया होगा.
मम्मी ने उनको अपने पास बैठा लिया. सर ने पैर रजाई में डाल दिए. मम्मी के पैर पहले से ही रजाई में थे. मैं उनके पैर की तरफ मुँह करके बैठ कर अपनी पढ़ाई कर रहा था.

मम्मी ने सर से कहा- आपके पैर तो काफी ठंडे हैं.
सर बोले- हां, पर आपके बहुत गर्म हैं.
मम्मी ने धीरे से कहा- मेरे ऊपर अपने पैर रख लीजिये न.

सर ने शायद मम्मी के ऊपर पैर रख लिए थे. मम्मी की हालत से लग रहा था वो चुदासी हो रही हैं. मम्मी सर चिपक कर बातें कर रही थीं.

मैं कनखियों से देख रहा था कि मम्मी के चूचे सर से रगड़ रहे थे. सर ने एक हाथ रजाई में डाल दिया. मम्मी ने हल्के से आआह किया.
सर ने बोला- ये क्या है?
मम्मी धीरे से बोलीं- जो भी करना है, अन्दर से करो.

मैं समझ चुका था कि मम्मी सर के साथ शुरू हो गयी हैं.
सर ने मेरी तरफ देखा, तो मैंने पूछा- क्या हुआ सर?
सर मुझसे बोले- तुम अपने काम में ध्यान लगाओ.
मैं बोला- जी सर!

सर ने मम्मी के पेटीकोट के पास हाथ से खींचा, शायद उन्होंने मम्मी के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया था. मम्मी के पैर हिलने लगे थे. शायद सर मम्मी की चूत पर हाथ चला रहे थे. मम्मी अपने मुँह से ‘आह.. आआह..’ कर रही थीं.
सर उनके कान में बोले- अमृत यहीं है.
मम्मी मेरे सामने उनसे बोलीं- ये तो अभी बच्चा है.. इसको क्या पता.

मम्मी मुझे अब भी बच्चा समझ रही थीं जबकि मैं ही उनकी प्यासी और चुदासी चूत के लिए मनोज सर का लंड खोज कर लाया था.

सर मेरे सामने मम्मी को किस करने लगे. मैं देखने लगा तो मम्मी मुझसे बोलीं- बेटा तेरे सर मुझे योग सिखा रहे हैं.
तभी अन्दर से पापा की आवाज आई, तो मम्मी उठ कर भागीं. पहले तो उन्होंने मेरे सामने पेटीकोट ऊपर किया और नाड़ा कसा. फिर वो पापा के पास चली गईं.

कुछ देर बाद सर चले गए. मम्मी मुझसे बोलीं- कल से सर से मैं भी योग सीख लिया करूंगी, पर पापा को मत बताना.
मैंने मासूम बनते हुए कहा- ठीक है मम्मी, आप मेरे सामने ही योग सीख लिया करो.

अगले दिन सर आये. मम्मी ने नई काली साड़ी और स्वेटर पहना हुआ था.
सर बोले- चलो पढ़ो.
मैं बोला- सर मेरी मम्मी को भी योग सिखा दीजिएगा.
सर बोले- हां ठीक है … सिखा दूँगा.

मम्मी अन्दर आ गईं.
सर बोले- तुम सोफे पर पढ़ो, मैं बिस्तर पर मम्मी को योग सिखा दूँगा.
कुछ देर बाद मम्मी करीब आईं और मेरे पास बैठ गईं. सर बिस्तर पर बैठे थे.
सर बोले- रुचिता जी आइए आपको योग सिखा दूँ.
मम्मी बोलीं- मुझे नहीं सीखना सर.. आप सिर्फ मेरे बेटे को पढ़ाइए बस और कुछ नहीं.

मैंने सोचा ये क्या हो गया. सर भी कुछ समझ नहीं पाए.

मम्मी सर से बोलीं- आप सोफे पर जाइए. सर सोफे पर आ गए. मम्मी बिस्तर पर लेट गयी. मैं महसूस कर रहा था कि वे अपने स्वेटर के ऊपर से अपने मम्मों को मसलने लगी थीं. उन्होंने कुछ देर ऐसा करने के बाद ‘आआह.. ओह..’ की कराह निकाली और अपने स्वेटर को उतार दिया. मैं और सर उनको देख रहे थे. मम्मी बिस्तर में ही अपनी साड़ी को खोलने लगी. वे बिस्तर पर करवटें बदलने लगीं.

सर से रहा नहीं गया. उन्होंने मम्मी की तरफ देखा और पूछा- क्या आपको योग सीखना है?
मम्मी ने धीरे से कहा- हां ठीक है सिखा दीजिएगा,

मनोज सर जल्दी से बिस्तर की रजाई में घुस गए और मेरे सामने ही वे मेरी मम्मी ऊपर चढ़ गए.
मम्मी बोलीं- छोड़ो मुझे.
मनोज सर धीरे से बोले- साली रंडी पहले मुझे गर्म करती है, फिर चोदने भी नहीं देती.

सर मम्मी के होंठों को अपने होंठों से पीने लगे. मम्मी तड़फ रही थीं. मम्मी बिस्तर से उठ कर भागने लगीं. सर ने बिना मेरी परवाह किए.. मम्मी के ब्लाउज को फाड़ दिया. ब्रा को भी निकाल कर बिस्तर के नीचे फेंक दिया था. मैं अपनी माँ चुदते देख रहा था.

सर मेरी मम्मी के गोरे गोरे मम्मों को पकड़ कर दबाने लगे.
मम्मी ने कहा- आआह … अगर तुम मुझे पति की तरह सुख दे सकते हो तो … मुझे सुख दे दो … मुझे चोद दो.
सर मेरी मम्मी के दूध मसलते हुए बोले- हां चोद दूँगा.
मम्मी ने सर को किस कर लिया.

सर ने मम्मी के पेट पर हाथ रख कर बोला- मैं तुम्हें प्रेग्नेंट भी कर दूँगा.
मम्मी बोलीं- तो रुक क्यों गए … करो न.

मम्मी सर से लिपट कर बिस्तर पर गुत्थम गुत्था हो गईं. रजाई इधर उधर होने लगी. वे दोनों नंगे होने लगे. सर मम्मी के मम्मों को पीने लगे. मम्मी अपने दूध पिलाते हुए कहने लगीं- आआह … पी लो… मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ … आआह.

कुछ देर बाद सर ने मम्मी की दोनों टांगों के बीच मे अपने मुँह को लगा दिया. वे मम्मी की बालों वाली चूत के दाने को दांतों से पकड़ने लगे.
मम्मी बोली- ऊईईईई …उम्म्ह… अहह… हय… याह… सस्स … पूरी चाट ले.
सर मेरी मम्मी की चूत को जीभ से चाटने लगे. मम्मी चुदास से तड़फने लगीं- आआह सीईई.. ईईईए..

सर ने मम्मी की चूत को चाटना नहीं छोड़ा, तो मम्मी ने सर से कहा- अब चोद भी डाल साले.
सर ने अपने लंड को मम्मी की चूत पर टिकाया और एक ही धक्के में लंड पेल दिया. मम्मी की चूत गीली थी, इस वजह से सर का पूरा लंड घुस गया.
मम्मी की तेज आवाज निकल गई- आआह … मर गयी.

सर ने पूरा लंड पेल दिया था. वे मेरी मम्मी की चूत में धक्के लगाने लगे. फच फच फचा फच की आवाज आने लगी. मम्मी चिल्ला रही थीं. सर अपने हाथ से उनके मम्मों को मसलते हुए उनको चोद रहे थे, धकापेल धक्के लगा रहे थे.

बिस्तर से रजाई गिर गई थी. मेरे सामने मेरी मम्मी की चुदाई चल रही थी. दोनों पूरे नंगे होकर चुदाई में मस्त थे. उनको या तो मेरे होने का अहसास ही नहीं था या वे दोनों सब कुछ जानते हुए भी मेरे सामने ही अपनी कामपिपासा को शांत करने में लगे हुए थे.

मम्मी की टांगें हवा में उठ गई थीं- आआह उईईई … चोदो आआह मजा आ रहा है … आआह बढ़ा दो मेरी चूत का नाप … मेरे राजा … आआह.
सर- कितनी अच्छी हो तुम … आआह कितना मस्त मजा आ रहा है.

कुछ देर बाद दोनों तेज ‘आआह..’ करके रुक गए.
सर झड़ चुके थे. वे मम्मी के बगल में लेट गए. मम्मी की चूत से सफेद सफेद बहने लगा.

तभी मम्मी ने रजाई ऊपर कर ली. सर ने नीचे उतर कर अपने कपड़े पहने और चले गए. इसके बाद मम्मी ने भी कपड़े पहने और अपने रूम में चली गईं.

मैंने उनके कमरे में जाकर उनसे हंस कर पूछा- मम्मी योग सीख लिया. इसलिए तो मैंने आपके स्पेशल सर ढूंढा था.
मम्मी समझ गईं और मुझे चूमते हुए बोलीं- हां तेरे सर बहुत बढ़िया हैं. उनसे अभी बाकी का योग और सीखना है.
मैंने कहा- बस आप मेरे सामने ही योग सीखा करो, मुझे भी सीखने मिल जाएगा.
मम्मी हंस दीं और उन्होंने मुझे गले लगा लिया.

अगली सेक्स स्टोरी में मैं आपको बताऊंगा कि मेरी मम्मी और कैसे कैसे चुदीं.

दोस्तो, आप लोगों को सेक्स स्टोरी कैसी लगी. मेल करके जरूर बताएं, धन्यवाद.

नितिन डी
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